सांप्रदायिक हिंसा और हत्या की घटन को 27 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक शासन ने हिंसा पीड़ितों को मुआवजे की धनराशि स्वीकृत नहीं कर पाया है। पीड़ित लोग मुआवजा पाने के लिए टकटकी लगाए हैं। गोली लगने से घायल हुए युवक की पत्नी ने बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर पांच लाख के मुआवजे की मांग की। जिलाधिकारी ने उन्हें शीघ्र ही मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि 26 व 27 जनवरी को हिंसा और हत्या की घटना हुई। इस घटना में मृतक चंदन के परिवारीजनों ने 50 लाख के मुआवजे की मांग की थी, लेकिन शासन ने 20 लाख का मुआवजा ही चंदन के पीड़ित परिवारीजनों को दिया है। हिंसा के दौरान नौशाद भी गोली लगने से घायल हुआ जिसका इलाज अलीगढ़ मे मेडिकल कॉलेज में किया गया। नौशाद खुद मजदूरी का काम करता था। घायल होने के कारण वह अपना काम भी नहीं कर पा रहा। नौशाद की पत्नी निम्मी ने जिलाधिकारी से बुधवार को मिलकर पांच लाख के मुआवजे की मांग की। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से स्वीकृति मिलते ही मुआवजा दिया जाएगा।
वहीं लखीमपुरखीरी के अकरम के गंभीर घायल होने पर मदद का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा 36 आगजनी व तोड़फोड़ के मामलों में 48.50 लाख की क्षति का आकलन करते हुए मुआवजे की मांग शासन से की गई है, जिस पर अभी तक शासन की स्वीकृति जिला प्रशासन को नहीं मिली है। जिससे लोगों को आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही। पीड़ित लोग शासन की सहायता पर टकटकी लगाए हैं।
आर्थिक सहायता का प्रस्स्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शासन में बात भी गई है। शीघ्र ही स्वीकृति मिलते ही मुआवजा वितरित किया जाएगा-
आरपी सिंह, जिलाधिकारी