फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परीक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों की

विज्ञापन
डेमो - फोटो : डेमो
विज्ञापन
मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र बने सहायता प्राप्त कालेजों में से दो दर्जन कालेज ऐसे हैं, जिनमें परीक्षा की सारी व्यवस्थाएं अभी तक पूरी न ही है। इन कालेजों में परीक्षा की अधूरी व्यवस्थाएं पूरा कराने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों की है। डीएम और डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को शीघ्र ही व्यवस्थित करने निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


जिले में वर्ष 2018 की यूपी बोर्ड परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। जनपद में 121 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में 43 सहायता प्राप्त कालेज शामिल हैं। इनमें से दो दर्जन कालेज ऐसे हैं, जिनमें न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही यहां आवंटित छात्रों के हिसाब से फर्नीचर ही उपलब्ध है।

श्रीकृष्ण इंटर कालेज बझेरा के प्रधानाचार्य ने डीएम की बैठक में कहा था कि उनके यहां 700 छात्र आवंटित कर दिए, जबकि वहां केवल 250 बच्चों के बैठने की ही व्यवस्था है। यही नहीं कई अन्य प्रधानाचार्यों ने भी क्षमता से अधिक छात्र आवंटन पर आपत्ति जताई थी। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कहीं भी कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को व्यवस्था करनी होगी। डीएम प्रदीप कुमार ने डीआईओएस जीएस राजपूत को निर्देशित किया है कि जहां शासन स्तर से मदद हो सकती है वहां कराई जाए। जनपद में दो दर्जन से अधिक कालेज ऐसे भी जहां अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
विज्ञापन


डीआईओएस ने कालेजों की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के सचिव के लिए पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि दोनों ही कालेजों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों द्वारा शिक्षाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्कूलों में दो बार निरीक्षण में ताला लटकता मिला, जिससे ये साबित हो रहा है कि विद्यालय खुलता ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें