एटा। जिले की ग्राम पंचायतों में हुए घोटालों पर अब जांच का साया है। सरकार बदलने के बाद लगे शिकायतों के ढेर के बाद पंचायत राज विभाग ने ग्राम पंचायतों में जांच शुरू करा दी है।
जिले में सबसे ज्यादा जांचें अलीगंज और जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों की हो रही हैं। जिसमेें आए दिन नए घोटाले सामने आ रहे हैं। वहीं जांच में नामित अधिकारियों के आख्या नहीं देने से कार्रवाई अधर में लटकी है। इसे लेकर डीएम ने अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से सैकड़ों ग्राम पंचायतों में सपा शासन में बड़े खेल हुए हैं। सपा शासन में भी ग्राम पंचायतों में शासकीय धन के दुरुपयोग और गबन की शिकायतें आईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। मार्च में भाजपा की सरकार बनने के बाद पंचायतों में गबन, घोटालों आदि की शिकायतें सामने आने लगीं। अलीगंज और जैथरा ब्लॉक की करीब 50 ग्राम पंचायतों की जांच की सिफारिश अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने की।
जिनमें जांच के बाद कई ग्राम पंचायतों में घोटाले भी सामने आए। मौजूदा दौर में 24 ग्राम पंचायतों की जांच चल रही है। मगर इनमें जांच अधिकारियों की सुस्ती के चलते कार्रवाई अधर में लटकी हैं। आख्या नहीं मिलने पर डीएम अमित किशोर से नाराजगी जताते हुए सभी अधिकारियोें को नोटिस जारी किए हैं। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों की जांच में निष्पक्षता बरती जा रही है। जांच अधिकारियों से आख्या देने के लिए कहा गया है।
इन ग्राम पंचायतों की चल रही जांच
अलीगंज की अलीपुर, नदराला, नकटई खुर्द, भदुईया मठ, अकबरपुर लाल सहाय, रामनगर, गढ़िया जगन्नाथ, गढ़ी, जैथरा की बाघौली, सहोरी, सुकटीखेड़ा, अमृतपुर रघुपुर, बरौलिया, शीतलपुर की जिरसमी, भगीपुर, शिवसिंहपुर, अचलपुर, निधौलीकलां की शहबाजपुर, अवागढ़ की बढ़ावली, मारहरा की पिदौरा, जलेसर की टिकाथर।
इन अधिकारियों ने नहीं दी आख्या
डिप्टी कमिश्नर जीएसटी, जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, डीपीआरओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, प्राचार्य डायट, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, बेसिक शिक्षा अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम।