अलीगंज में हुई घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एकत्र भीड़
एटा। दावों के बाद भी चुनावी अव्यवस्थाओं की शिकायतें रहीं। वोट डालने पहुंचे सैकड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। तो वहीं कुछ के बूथ के नंबर गलत दर्ज थे। ऐसे में इन्हें निराश लौटना पड़ा।
राजकीय बालिका इंटर कालेज पर पहुंचे महीपाल सिंह के मोबाइल पर उनका बूथ नंबर 55 बताया गया। लेकिन उन्हें मिली पर्ची पर बूथ 57 लिखा था। ऐसे में उन्हें एक किलोमीटर से अधिक दूर तक परेशान होना पड़ा।
शांती नगर स्थित आरबी इंटर कालेज में बने बूथ पर पहुंचे मतदाताओं का आरोप है कि उनके नाम नई मतदाता सूची में नहीं हैं। मेहरबान सिंह, सुदेश, इलियास आदि का कहना था कि वे वर्षों से वोट डाल रहे हैं लेकिन इस बार सूची से उनके नाम गायब हैं।
रद होंगे सैकड़ों वोट!
मतपत्र को मोड़ने में इस बार भी वोटर चूके हैं। ऐसे में निरस्त होने वाले मतपत्रों की संख्या बढ़ेगी। लोगों के अनुसार सदस्य पद के मतपत्र में सीमित संख्या होने पर उसे एक बार ही मोड़ना पड़ रहा था। जबकि अध्यक्ष पद के लिए इसे तीन बार सावधानी पूर्वक मोड़ना था।
कुछ मतदाता खासकर महिलाएं मुहर लगाने के बाद उसे एक ही बार मोड़ रहीं थी। इससे मुहर की छाप सामने लिखे नाम पर भी आने की आशंका रही।
कंट्रोल रूम में फर्जी शिकायतें
निर्वाचन कार्यालय द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम के फोन घनघनाते रहे। इतना ही नहीं लेाग फर्जी शिकायतें भी कर रहे थे। अधिक पूछने पर यह लोग फोन काट रहे थे। राजा का रामपुर से एक व्यक्ति ने अराजक तत्वों के आने की बात कही।
यह पूछने पर क्या यह लोग बूथ पर हैं जवाब मिला नहीं गलियों में घूम रहे हैं। इसकी सूचना पुलिस को देने की बात कहते ही शिकायत कर्ता ने फोन काट दिया।