मैनपुरी। जिले में अभी शीतगृहों से आलू की निकासी नहीं हो रही है। इससे मालिक काफी परेशान हैं। गुरुवार को शीतगृह स्वामियों ने डीएम से मिलकर समस्या का हल निकालने की मांग की है। किसानों से भी आलू को निकालने के लिए कहा है। वहीं शीतगृह की भंडारण समय सीमा को दोबार 31 अक्तूबर करने का आग्रह किया है।
जिले में बड़ी मात्रा में आलू की पैदावार होती है। वर्ष 2016-17 में भी जिले में लगभग 35 लाख क्विंटल आलू शीतगृहों में रखा गया लेकिन सही कीमत नहीं मिलने के कारण किसानों ने आलू को निकालना बंद कर दिया है। आलम यह है कि अभी शीतगृहों में सात लाख क्विंटल से ज्यादा आलू रखा हुआ है।
मैनपुरी कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सचिव विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि शीतगृहों के भंडारण का समय 31 अक्तूबर तक था, जो अब बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है। इससे शीतगृह मालिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दीवाली के पास तक सभी किसानों के द्वारा आलू को छुड़ा लिया जाता है।
जिले में आलू की बिक्री नहीं होने का प्रमुख कारण आलू में चेचक रोग का फैलना है। बीमारी फैलने के कारण आलू अंदर से खोखला होता जा रहा है। वहीं आलू की चमक भी जा रही है।
इस वजह से आलू को सही कीमत नहीं मिल पा रही है। इस वजह से आलू की बिक्री बाहर नहीं होने के कारण शीतगृहों में आलू की निकासी नहीं हो पा रही है। इस मौके पर श्रवण कुमार चंदेल, संजीव भटनागर, अनिल दीक्षित, अंशु अग्रवाल, रिंकू चौहान, सुनील यादव, शिवम यादव आदि रहे।