मथुरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई फर्जी डिग्रियाें को लेकर मथुरा में भी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इन शिक्षकों की संख्या छह से अधिक है। एसआईटी ने जो सीडी बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी है अब उससे मिलान किया जा रहा है।
हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ था, जिसमें ये बात सामने आई कि वर्ष 2004-05 में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएड की 4570 फर्जी डिग्रियां जारी की थीं। इन डिग्रियों से कई जिलों में लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। मथुरा में ऐसे शिक्षकों की संख्या छह या सात बताई जा रही है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रखे इनके रिकॉर्ड, एसआईटी द्वारा शिक्षा विभाग को सौंपी गई सीडी और डायट कार्यालय की सत्यापन रिपोर्ट का आपस में मिलान किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से एक प्रारूप में जानकारी मंगा ली है। रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। जल्द ही फर्जी डिग्री से नौकरी करने वालों के नाम उजागर हो जाएंगे।