मैनपुरी। जनसूचना अधिकार नियम 2005 के नियमावली 2015 में सुधार किए गए हैं। इससे लोगों को सूचना लेने में आसानी होगी। नए नियम के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति पांच सौ शब्दों में अपनी बात कहकर सूचना मांग सकता है। यह बातें उत्तर प्रदेश के जनसूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कही।
बुधवार को जिले में जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि जनसूचना अधिकार की नई नियमावली 2015 में काफी सुधार किए गए हैं। अब कोई भी व्यक्ति पांच सौ शब्दों में सूचना मांग सकता है।
वहीं 10 से 20 शब्द अतिरिक्त होने के बाद भी आवेदन निरस्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब भारत का कोई भी नागरिक सूचना अधिकार की परिधि में आने वाले कार्यों व दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है। उनकी फोटो कापी निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त कर सकता है। वहीं जन सूचना अधिकारी का दायित्व होगा कि वह आवेदन कर्ता को 30 दिन के भीतर सूचना उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यालय में प्रारूप तीन में एक रजिस्टर अवश्य बनाएं। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी कार्यालय से 10 रुपये का शुल्क देकर 30 दिन के के भीतर जानकारी प्राप्त कर सकता है।
निर्धारित अवधि में सूचना न उपलब्ध कराने पर संबधित जनसूचना अधिकारी पर 250 रूपये प्रतिदिन का जुर्माना व 25 हजार रूपये तक का अर्थदंड लगाए जाने का प्रावधान है। इस मौके पर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी बीराम, अरुण कुमार सिंह उपजिलाधिकारी भोगांव, सदर संदीप कुमार, अमित कुमार, परियोजना निरीक्षक सुरेश चंद्र मिश्र आदि रहे।