आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुर्सी संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया तो मंत्रियों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हाथों में झाड़ू उठा ली थी। मंत्री और अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में सफाई करते नजर आने लगे थे।
स्थानीय स्तर पर भी इसका असर दिखाई दिया। मगर, कुछ दिन बाद ही यह अभियान ठंडा पड़ गया। सरकारी कार्यालय में सफाई व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आई। स्थिति यह है कि लंबे समय से किसी भी सरकारी विभाग में स्वच्छता अभियान नहीं चला।
सरकार की मंशा के अनुरूप मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने भी प्रत्येक शुक्रवार को हर विभागाध्यक्षों को अपने-अपने यहां स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया था। इस पर जिलाधिकारी, नगर आयुक्त सहित तमाम अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में स्वच्छता नजर आए। थानों में भी खूब झाड़ूू लगी। यहां भी एक दिन निर्धारित कर दिया गया। मगर, यह अभियान ठप हो गया।
वहीं इस मामले में मंडलायुक्त के. राममोहन राव का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान न चलने की जानकारी मिली है। इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय में सप्ताह में एक दिन स्वच्छता अभियान चलाना होगा। शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।