कासगंज। तहसील क्षेत्र में हजारा नहर की कटी टूटी पटरियां जानलेवा साबित हो रही हैं। आए दिन बड़े हादसे होते हैं, फिर भी प्रशासन और नहर विभाग इस ओर ध्यान नहीं देता। जनप्रतिनिधियों तक का कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर पटरियों को सही कराने की मांग उठाई।
कासगंज-सिकंदर्राऊ मार्ग पर हजारा नहर का मार्ग शुरू होता है जो जिले के कई प्रमुख ग्रामीण इलाकों के बीच से गुजरता है। पचास से अधिक गांव नहर के किनारों पर बसे हुए हैं। ग्रामीणों के ट्रैक्टर ट्रॉली, बैलगाड़ी आए दिन पलट जाते हैं। कई बार नहर में भी वाहन गिर जाते हैं। शनिवार को आल्टो कार भी बड़ा गांव कोटरा पर नहर में गिर गई। जिसमें एक दंपति की मौत हो गई और बालक लापता हो गया। नहर की पटरी ततारपुर से भगवंतपुरगढ़ी की ओर जाती है।
इसके आसपास रज्जीनगला,घिनौना, इखौना,भूपालगढ़ी, उढ़ार, दौकेली, बड़ा गांव कोटरा, हरसेना, इनायती, होतीनगला, किनावा, सम्मानगला, हरियाठेर, गोदीनगला, जहांगीरपुर, नगला बीच, जगदीशपुर, किसरौली, झावर सहित तमाम अन्य गांव हैं। पिछले काफी समय से नहर की पटरियां जर्जर हाल हैं।
विधायक देवेंद्र राजपूत का कहना है कटी और टूटी पटरियों के लिए नहर विभाग जिम्मेदार है। जगह जगह नहर की पटरियां बैठी हुई हैं। गंगा सेंड का इस्तेमाल पटरियों की मरम्मत के लिए नहीं किया गया है। अधिकारियों की लापरवाही ही हादसों के लिए जिम्मेदार है।
डीएम आरपी सिंह ने बताया नहर की पटरियों का निरीक्षण करेंगे। नहर विभाग, लोक निर्माण विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी बुलाकर प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी और नहर की पटरियों को दुरुस्त कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।