पर्यटन के फलक पर चमकी बटेश्वर की मंदिर श्रंखला एवं घाट
बाह। 50 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बटेश्वर के विकास को आवाज दी थी। 1975 में उन्होंने कहा था कि बटेश्वर के कण-कण में इतिहास समाया है। खुदाई और संरक्षण की जरूरत है। राज्य सरकार असमर्थ या अनिच्छुक है तो यह काम केंद्र सरकार को अपने हाथ में ले लेना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री के पैतृक गांव को केंद्र सरकार ने 74 करोड़ रुपये के विकास कार्याें का तोहफा दिया तो प्रदेश सरकार 106 करोड़ रुपये से धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकास के काम करा रही है।
अटल संकुल केंद्र 12.33 करोड़ की लागत से विकसित हो गया है। 24 करोड़ की लागत से बटेश्वर के घाट, 24.10 करोड़ की लागत से मंदिर संरक्षित किए गए हैं। 24.08 करोड़ की लागत से मंदिर कॉरिडोर, 13 करोड़ से प्राचीन हवन कुंड का काम प्रगति पर है। 9.92 करोड़ फसाड लाइटों पर खर्च हो रहे हैं। विधायक पक्षालिका सिंह एवं तीर्थ स्थल ट्रस्ट के चेयरमैन अरिदमन सिंह ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं पर्यटन मंत्री का विरासत के विकास के लिए आभार जताया है।