फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: तीन करोड़ का गांजा पकड़ा...'पुष्पा स्टाइल' में आंध्र प्रदेश से ट्रक में लाए माल, देखकर पुलिस भी हैरान

Mon, 02 Jun 2025 10:39 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

केबिन और बाडी के बीच में एक चैंबर बना था। इसमें प्लास्टिक के बैग को टेप और कागज लगाकर पैक किया गया था। बैग को खोला गया तो उसमें गांजा बरामद हुआ। 
विज्ञापन
पकड़े गए गांजा तस्कर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुष्पा फिल्म में चंदन की लकड़ी की तस्करी का जो तरीका दिखाया गया था, उसी तरह गांजे की तस्करी भी तस्कर कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश से ट्रक चालक के केबिन में बने खुफिया चैंबर में रखकर तीन करोड़ की कीमत का गांजा आगरा लाया गया। रविवार रात को सिकंदरा के रुनकता में पुलिस ने ट्रक को पकड़ लिया। चालक समेत 3 को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि हीरालाल की प्याऊ, रुनकता में पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी एक खाली ट्रक नजर आया। चालक केबिन में देखा तो एक गेट बना हुआ था। उसे खोला गया तो केबिन और बाडी के बीच में एक चैंबर बना था। इसमें प्लास्टिक के बैग को टेप और कागज लगाकर पैक किया गया था। बैग को खोला गया तो उसमें गांजा बरामद हुआ। इनका वजन तकरीबन 494 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गांजे की कीमत तकरीबन 3 करोड़ रुपये है।

गिरफ्तार आरोपियों में गाजियाबाद निवासी मोहम्मद अफसार, पिनाहट निवासी धर्मा उर्फ धर्मपाल, पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना निवासी प्रसन्नजीत मित्र हैं। उन्होंने पूछताछ में पिनाहट निवासी राहुल, रंजय, अनिल शर्मा, गाजियाबाद निवासी अंजुम, जाकिर और आंध्रप्रदेश के दिलीप के नाम बताए हैं। यह सभी लोग गांजे की तस्करी में शामिल हैं। आरोपियों से ट्रक, एक कार, 7 मोबाइल आदि बरामद किए गए।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

कार से आगे चलकर करते हैं रेकी
डीसीपी सिटी के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि अफसार अपने साथी अनिल शर्मा के साथ मिलकर दो साल से गांजे की तस्करी कर रहा है। उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से गांजा लाते हैं। उन्हें 3 हजार रुपये प्रति किलोग्राम में मिल जाता है। लोनी निवासी अंजुम व जाकिर बिक्री कर देते हैं। वह 10 से 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से ले लेता है। आरोपी धर्मपाल ने बताया कि वह पिनाहट में अनिल के घर के पास रहता है। वह वाहन और मजदूर उपलब्ध कराता है। गांजे की बिक्री फुटकर में आगरा के साथ ही मथुरा में होती है। पुलिस से बचने के लिए ट्रक को खाली रखते हैं। कार में बैठे साथी आगे-आगे चलते हैं। पुलिस चेकिंग मिलने पर ट्रक को रोक देते हैं।

आगरा-मथुरा में भी मांग
पुलिस को आरोपियों ने बताया कि पहले दिल्ली एनसीआर के साथ ही पंजाब में गांजे की तस्करी ज्यादा होती है। मगर, अब पुलिस की सख्ती हो गई है। इस कारण आगरा और मथुरा के साथ आसपास के जिलों में गांजे की बिक्री कर रहे हैं। नशे के कारोबार में शामिल लोग हर 15 दिन में मांग करते हैं। इन जिलों में खपत भी बढ़ गई है। पुलिस पूर्व में भी ट्रक, कार, टैंकर के साथ ट्रेन से गांजा लेकर आने वालों को पकड़ चुकी है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें