50 गांव के श्रमिकों को मिलेगा रोजगार
सीडीओ ने बताया कि नदी का सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है। बांध बनाने के लिए स्थान चिह्नित किए जा चुके हैं। फतेहाबाद, शमसाबाद, पिनाहट, सैंया और खेरागढ़ के 50 गांवों श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। प्रत्येक गांव में मजदूर सक्रिय श्रमिकों की सूची बन गई है। उन्होंने बताया कि इस कार्य को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज कराया जाएगा। उटंगन बरसाती नदी है। बंधे बनने के बाद इसमें 10 महीने तक पानी रहेगा।
खारी, करबन व यमुना का भी सर्वे
सीडीओ ए मनिकन्डन ने बताया कि उटंगन के अलावा खारी नदी, यमुना नदी और करबन नदी का सर्वे भी कराया जा रहा है। सर्वे के बाद इन नदियों की सफाई, जल भंडारण व अन्य कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाए जाएंगे। उटंगन की तर्ज पर ही खारी नदी में शमसाबाद एवं सैंया क्षेत्र में सात मिट्टी के बांध प्रस्तावित हैं। सभी कार्य मई के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएंगे।
बरसात से पहले होंगे ये काम
- जगनेर में 31 पेरीफेरल बंधों का निर्माण होगा
- पंचायतों में वर्षा जल संचयन के लिए 481 ट्रेंच बनेंगे
- 602 छोटी-बड़ी माइनर की सिल्ट सफाई होगी
- 952 सोक व रिचार्ज पिट का निर्माण प्रस्तावित