फिरोजाबाद। 432 करोड़ की जेड़ाझाल परियोजना के बाद भी सुहागनगरी के लोग पानी को तरस रहे हैं। साढ़े सात लाख की आबादी के बीच जहां शहर को प्रतिदिन करीब 130 एमएलडी पानी की जरूरत है जबकि अभी करीब 115 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। पानी के संकट से जूझ रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुहागनरी के लोगों की प्यास बुझाने के लिए 70 एमएलडी पानी जल निगम और 45 एमएलडी जलकल विभाग नलकूप और सबमर्सिबल के माध्यम से उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद भी 36 से अधिक ऐसे मोहल्ले हैं जहां आज भी न तो गंगा जल पहुंच पा रहा और न ही जलकल विभाग सप्लाई दे रहा। कहीं पाइपलाइन नहीं है, तो कहीं लोगों को कनेक्शन लेने के लिए इंतजार कर रहे है। कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बाधित है। लोग सुबह होते ही खाली बर्तन लेकर पानी की तलाश में भटकते नजर आते है। समस्या के निस्तारण पार्षद जल निगम के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे है लेकिन अफसर है कि जिम्मेदारी को एक दूसरे पर टालते नजर आ रहे हैं।
झील पर खर्च किए 32 करोड़
शहर को यथावत पानी की सप्लाई देने के लिए जल निगम द्वारा नंदपुर इंटेक प्लांट के पास झील का निर्माण कराया गया था। झील निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गई। तब कहीं जाकर 22 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नौ सौ मिलियन लीटर पानी की झील तैयार हो सकी।
जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत हुए कार्य
377 किलोमीटर पाइप लाइन पड़ी
15 टंकियों का निर्माण कराया
नलकूप 12 लगवाए गए
21 जोनल पंपिंग स्टेशनों का निर्माण
जलकल के नलकूप करीब 200
सबमर्सिबल - 656
इन क्षेत्रों में है पानी का संकट
लेबर कालोनी नई आबादी, सम्राट नगर, बौधनगर, नगला करन सिंह, शारदा नगर, ठारपूटा टीचर्स कॉलोनी, ककरुऊ नई आबादी, हनुमान गढ़, टापाखुर्द, इमामबाड़ा, कश्मीरीगेट, हाजीपुरा के साथ अन्य क्षेत्र शामिल है।
जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं है। उन क्षेत्रों में पाइपलाइन डलवाने का कार्य 15 वें वित्त की घनराशि से कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर खोल दिए गए है। पाइप लाइन डलने का कार्य जल्द शुरु करा दिया जाएगा।
रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल