प्राथमिक विद्यालय के छात्र (फाइल फोटो)
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परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा जिले के ग्रामीण अंचल और गरीबों को भी अब रास नहीं आ रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार 43,702 बच्चे कम हो गए हैं।
इसके लिए निदेशक बेसिक शिक्षा ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को चेतावनी जारी की है। माना गया है कि इन स्कूलों में पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है।शिक्षक भर्ती घोटाले में आगे रहे मथुरा जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण की स्थिति भी निरंतर बिगड़ती जा रही है।
हालात इस कदर खराब हैं कि अब गरीब अभिभावक भी यहां बच्चों को पढ़ाने में कम ही रुचि ले रहे हैं। नामांकन के विभागीय आंकड़े बताते हैं कि 12 जुलाई तक मथुरा जनपद में छात्र पंजीकरण संख्या पिछले साल के मुकाबले 43,702 कम हो गई है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में 34,183 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 9,519 छात्रों का नामांकन कम है।