मैनपुरी। साइकिल हर बार मैनपुरी के रास्ते संसद तक सफर तय करती रही है, लेकिन जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में से एक विधानसभा ऐसी भी है, जहां साइकिल पंक्चर भी हुई। हालांकि इसके बाद भी साइकिल ने बड़े आराम से दिल्ली का रास्ता तय किया।
1996 में मुलायम सिंह यादव पहली बार मैनपुरी से सांसद का चुनाव लड़े थे। उन्हें जीत भी मिली थी। जनता और मुलायम का संबंध इतना गहरा था कि दोबारा किसी को भी जनता ने अपने आंखों में नहीं बैठाया। जब-जब मुलायम सिंह ने सीट छोड़ी तो सैफई कुनबे की पीढ़ियां ही इस कुर्सी पर बैठीं, लेकिन इस पूरे सियासी कुरुक्षेत्र में भोगांव विधानसभा क्षेत्र में साइकिल पंक्चर हुई।
इस पंक्चर का कोई खास असर इसलिए नहीं पड़ा, क्योंकि करहल और जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने साइकिल में खूब धक्का लगाया। लिहाजा हर बार जीत साइकिल की ही हुई। इस बार फिर पांचवीं बार मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से मुलायम सिंह यादव मैदान में हैं। इस बार भोगांव को फतेह करने के लिए पुरजोर कोशिश जारी है। जनसंपर्क से लेकर पार्टी नीतियों का प्रचार प्रसार करने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।