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गोवंश आश्रय स् थलों को लेकर सख्त हुआ शासन

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एटा। खुले में घूमने वाले पशुओं को आश्रय मुहैया कराने के लिए सरकार सख्त हो गई है। प्रदेश के सभी जिलों में अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण कराने के बाद शासन ने अब कांजी हाउस के निर्माण को लेकर संजीदगी से काम लेना शुरू किया है। प्रमुख सचिव ने जिला पंचायत द्वारा जिलों में बनवाए जा रहे कांजी हाउस को लेकर रिपोर्ट तलब की है। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी को 15 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा है।

दरअसल, पिछले कई महीनों से आवारा पशुओं द्वारा फसल को बर्बाद करने और लोगों पर हमला करने के मामले सामने आए थे। जिसे लेकर ग्रामीणों ने आवारा पशुओं को विद्यालयों में बंद करना शुरू कर दिया था। इसके बाद जागी सरकार ने सभी जिलों में गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण कर पशुओं को पहुंचाने के निर्देश दिए। जिले में भी पशुपालन विभाग द्वारा 21 गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण कराया। इसके बाद भी जिले में तमाम जगह पशु खुले में घूम रहे हैं।
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अब सरकार ने जिला पंचायतों के अधीन आने वाले कांजी हाउस को लेकर काम शुरू कर दिया है। बीते महीने शासन को मिली रिपोर्ट में प्रदेश भर में जिला पंचायतों के अधीन आने वाले 527 कांजी हाउस जर्जर पाए गए थे। इसे लेकर प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों और अपर मुख्य अधिकारी को कांजी हाउस का निर्माण पूरा कराकर उसमें पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही उन्होंने खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने के लिए भी कहा है। जिले में जिला पंचायत द्वारा निधौलीकलां में कांजी हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव के निर्देश मिलने के बाद काम तेज कर दिया है।
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