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54 किसानों को अभी तक नहीं मिला भूमि अधिग्रहण का मुआवजा

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पंजाब का किसान
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कासगंज। न्यायालय के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण के एवज में तमाम किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। प्रशासन ने मामो के किसानों की जमीन का तीन साल पहले अधिग्रहण किया था लेकिन चार गुने मुआवजे की आस अब गुम पत्रावलियां में दफन हो रही है। हालांकि प्रशासन दावा कर रहा है कि किसानों के मुआवजे की प्रक्रिया पूरी है, लेकिन किसान मुआवजा नहीं ले रहे हैं।
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जिले की मूलभूत संरचनाएं पूरी करने के लिए जिला प्रशासन ने कासगंज-सोरों रोड पर किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया। एक बड़े क्षेत्रफल की कृषि भूमि में सरकारी दफ्तर और आवास बनाए गए। इन सरकारी भवनों में जिला न्यायालय भी शामिल था। न्यायालय के लिए मामो के किसानों की 275 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया गया। उस समय किसानों को आश्वासन दिया गया कि उन्हें नए अधिग्रहण बिल के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन अधिग्रहण के बाद प्रशासन ने पुराने अधिग्रहण बिल के आधार पर मुआवजा तैयार किया। अधिग्रहण प्रभावित कुल 115 किसानों में से 60 किसानों ने मुआवजा ले लिया लेकिन 54 किसान चौगुने मुआवजे की आस में भटक रहे हैं। इन किसानों को अभी भी अधिग्रहण के एवज में मुआवजा नहीं मिल रहा है और पत्रावली अनदेखी में दफन हो रही है। किसान चार गुने मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। हालांकि उन्हें आश्वासन तो मिल गया, लेकिन अभी तक शासन से कोई दिशा निर्देश नहीं आया है।

किसानों की सुनिए-
- कुल 115 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इनमें से 60 किसानों ने मुआवजा ले लिया। अधिग्रहण के दौरान आश्वासन दिया गया था कि चार गुना मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन चार गुना मुआवजा नहीं दिया गया।
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ओमपाल।
- जब भूमि का अधिग्रहण हुआ तब सरकार नया अधिग्रहण बिल ला चुकी थी। प्रशासन पुराने अधिग्रहण बिल के आधार पर मुआवजा दे रहा है, जो गलत है। किसानों को चारगुना मुआवजा दिया जाए।
अयोध्या प्रसाद।
वर्जन-
- अधिकांश किसानों ने मुआवजा ले लिया है। कुछ किसान मुआवजा लेने नहीं आ रहे हैं, जबकि उनकी पत्रावली पूर्ण है। किसान यदि मुआवजा लेने आते हैं तो उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
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आरपी सिंह, डीएम।
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