कासगंज। जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। लेकिन जनपद के गांवों को ओडीएफ करने में कई खेल भी किए गए हैं। पूर्व में भी गांवों को ओडीएफ करने में हुए खेल को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं। अब हाल ही एक और मामला प्रकाश में आया है।
जनपद के गंजडुंडवारा की ग्राम पंचायत उलाईखेड़ा में शौचालय निर्माण के लिए आई धनराशि का बंदरबांट हो गया। शौचालय निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। शौचालय की धनराशि में 8.67 लाख रुपये का प्रधान, पूर्व प्रधान व दो सचिवों ने घोटाला कर लिया। घोटाला सामने आने पर वर्तमान व पूर्व प्रधान के अलावा दो सचिवों को रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
गंगा किनारे की ग्राम पंचायत के लिए वर्ष 2015 से अब तक दो किस्तों में 518 शौचालय के निर्माण के लिए धन जारी किया गया। इस धन का पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश, वर्तमान प्रधान राजकुमार, सचिव ओमप्रकाश व अंशुमान ने मिलकर गोलमाल कर लिया। वर्ष 2015-16 में 259 शौचालयों में से 176 शौचालय बेस लाइन सूची से भिन्न पाए गए। 113 शौचालय में तो टंकी ही नहीं लगी है।
183 शौचालय प्रयोग में ही नहीं आ रहे। प्रधान व सचिव की मिली भगत से 336200 रुपये के गोलमाल का आंकलन किया गया है। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 259 शौचालय के लिए धन दिया गया। जिसमें 95 शौचालय बेसलाइन से भिन्न हैं। 62 शौचालय प्रयोग में ही नहीं आ रहे। 102 में टंकी नहीं लगी। 39 शौचालय बिना गड्ढे के ही बना दिए गए।
दोनों बार की किस्तों से बनाए गए शौचालयों में कोठरी, दरवाजा न होने, रूरल पैनल, चेंबर, छत, रोशनदान, टायल्स, गड्ढे न होने सहित अन्य अनियमितताओं की शिकायत की गई। जिसकी जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद 867350 रुपये के गोलमाल होना पाया गया।
ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण में किए गए गोलमाल के संबंध में वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान एवं दो सचिवों को धन की रिकवरी की चेतवानी का नोटिस जारी किया गया है।
-विश्वनाथ सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी