मैनपुरी। एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की गिरने से मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। हालांकि परिजनों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी।
कुरावली थाना क्षेत्र के गांव बरौलिया निवासी धर्मेंद्र सिंह ने पत्नी अर्चना देवी को प्रसव के लिए शहर के दीप हॉस्पिटल में गुरुवार रात भर्ती कराया था। अर्चना ने रात करीब 12 बजे बेटे को जन्म दिया। अर्चना के मुताबिक रात में बच्चा नर्स के हाथ से जमीन पर गिर पड़ा, इससे सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
अस्पताल प्रशासन ने रात में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी और बच्चे को जच्चा से अलग रखा गया। सुबह मृत बच्चा पैदा होने की बात उन्हें बताई गई। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने अस्पताल के बाहर दो घंटे तक हंगामा किया।
सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। हालांकि परिजनों की ओर से कोतवाली पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है, न ही नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने गांव ले जाकर शव दफना दिया।
नवजात पुत्र की मौत की खबर ने अर्चना को झकझोर दिया। अर्चना ने भी अस्पताल के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इसी बीच उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे वहां से जिला महिला अस्पताल ले गए। यहां करीब एक घंटे तक उपचार के बाद अर्चना को सैफई रेफर कर दिया गया।
महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। सुबह जब परिजनों से अस्पताल का बिल भुगतान करने के लिए कहा गया, तो वह दबाव बनाने के लिए हंगामा करने लगे। बच्चा जमीन पर गिरने की बात गलत है।
डॉ. अंकिता सिंह, दीप हॉस्पिटल।
अस्पताल में हंगामा की सूचना पर पुलिस गई थी। परिजनों ने आरोप तो लगाए, लेकिन पुलिस को तहरीर नहीं दी। न ही शव का पोस्टमार्टम कराया है। अगर तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
जसवीर सिंह सिरोही, कोतवाल।