मैनपुरी। राशन घोटाला सामने आने के बाद शासन ने कोटा डीलरों पर शिकंजा कसा है। कोटा डीलरों की सच्चाई जानने के लिए शासन ने ऑनलाइन जांच शुरू कराई है। आपूर्ति विभाग द्वारा लखनऊ से ही कार्डधारकों से फोन करके राशन संबंधी पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है। जानकारी होते ही कोटा डीलरों में हड़कंप मच गया है।
राशन घोटाला सामने आने के बाद पहले चरण की जांच पूरी होने पर 17 कोटा डीलर सहित दो ऑपरेटरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। दूसरे चरण में 20 कोटा डीलरों के खिलाफ जांच चल रही है। अधिकांश कोटा डीलर घरों से गायब हो गए हैं। प्रशासन ने पहले चरण में दोषी पाए गए 17 कोटा डीलरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
दूसरे चरण की जांच के दौरान ही आपूर्ति विभाग लखनऊ से कार्डधारकों के मोबाइल पर आने वाली फोन कॉल ने कोटा डीलरों की धड़कने बढ़ा दी हैं। ऑनलाइन जांच के दौरान कार्डधारकों से जुटाया जा रहा ब्यौरा कोटा डीलरों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। ऑनलाइन जांच की जानकारी होते ही कई कोटा डीलरों सहित उनके परिवारीजनों ने कार्डधारकों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
कार्डधारक के मोबाइल पर आने वाली कॉल के बाद एक कोड दिया जाता है। कोड के आधार पर ही कार्डधारक का पूरा ब्यौरा जानने के बाद कॉल करने वाला कोटा डीलर की जानकारी लेकर सवालों की झड़ी लगा देता है। कार्डधारक के जवाब कोटा डीलर की मुसीबत बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
इस तरह हो रहा सत्यापन
-परिवार में कितने सदस्य हैं।
-राशनकार्ड में कितने यूनिट हैं।
-राशन कार्ड कौन सा है।
-गेहूं कितना दिया जाता है।
-चावल कितना मिलता है।
-केरोसिन कितना दिया जाता है।
-राशन वितरण कब किया जाता है।
-राशन वितरण के समय कोई अधिकारी होता है क्या।
-कोटा डीलर का व्यवहार कार्डधारकों के साथ कैसा है।