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पति दहेज उत्पीड़न का दोषी साबित, दो साल की सजा

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कासगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भारत सिंह यादव के न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न के आरोपी पति को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई। न्यायालय ने पति पर 15 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
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विगत 30 जून 2001 को राजश्री पुत्री गोपी चंद्र निवासी रामवली कॉलोनी की शादी रवेंद्र पुत्र गजराज निवासी दुर्गा कॉलोनी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ससुरालीजन बाइक और 20 हजार रुपये की मांग कर विवाहिता का उत्पीड़न कर रहे थे। विगत 17 मई 2004 को ससुरालीजनों ने विवाहिता की मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। राजश्री ने अपने मायके पहुुंच कर मामले की जानकारी परिजनों को दी। मामले में विवाहिता के पिता ने कोतवाली में पति समेत ससुर गंजराज, सास महारानी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के बाद पत्रावली न्यायालय में दाखिल कर दी। मुकदमे के दौरान सास की मृत्यु हो गई। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं गवाहों के बयान आदि के आधार पर न्यायालय ने ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया। वहीं पति को धारा 498 ए तथा दहेज प्रतिशोध अधिनियम का दोषी पाया गया। न्यायालय ने धारा 498 ए में पति को दो साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं दहेज प्रतिशोध अधिनियम के तहत छह माह की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त अर्थदंड का भी प्रावधान किया गया है।
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