सिरसागंज। ग्राम गलपुरा में देवर ने अपनी भाभी की गोली मारकर हत्या क्यों की इसके पीछे कई सवाल खडे़ हो गए हैं। जहां एक ओर परिजन और पुलिस हत्या की वजह खोज रहे हैं वहीं हत्या के तरीके से पता चलता है कि बबलू इस घटना को अंजाम देने की तैयारी पहले ही कर ली थी।
गांव गलपुरा निवासी सियाराम सविता के खेतों में धान की रोपाई का काम चल रहा है। इसके कारण उसके बेटे राजेश, संजय सुबह ही खेत पर चले गये थे। जबकि सियाराम का एक बेटा बंटी अपनी पत्नी सोनी उर्फ सुनीता से खाना बंधवाकर सुबह आठ बजे दुकान खोलने घर से निकला था। इसके बाद घर पर सुनीता और उसका देवर बबलू उर्फ बाबी ही घर के अंदर थे। पिता सियाराम गली में गांव के लोगों के साथ बैठे हुए थे। इसी दौरान गोली चलने की आवाज हुई जब सियाराम के घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान बबलू चिल्लाता हुआ घर के बाहर निकला और लोड तमंचे को अपनी कनपटी पर रखकर गोली मार ली। भागता हुआ सियाराम घर के अंदर पहुंचा तो उसने घर के आंगन में बहू सुनीता की लाश पड़ी देखी।
मौके पर पहुंची थाना नगला खंगर पुलिस, एसपी देहात महेन्द्र सिंह के साथ-साथ एसपी सचिन्द्र पटेल को खाली कारतूस सुनीता के शव के पास पड़ा मिला जबकि दूसरा खोखा तमंचे में ही फंसा हुआ था। एसपी ने सुनीता की बहन अनीता और उसके पति बंटू से अकेले में बात कर उसके बयान रिकार्ड किए। एसपी देहात महेंद्र सिंह का कहना था कि हाल जांच के आधार पर लगता है कि देवर सनकी किस्म का युवक था और किसी मामूली विवाद पर ही ऐसा कदम उठाया हुआ है लेकिन इस घटना के अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
बंटू ने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई बबलू गुड़गांव में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहा था और खेती में काम के चलते वह एक माह पहले ही घर आ गया था। बंटू ने यह भी बताया कि घर में किसी से भी कहासुनी होने पर बबलू घर छोड़कर भाग जाता था। वह गुस्सैल स्वभाव का था।
बंटू और सुनीता का विवाह डेढ़ साल पूर्व हुआ था। 20 दिन पहले ही सुनीता ने एक बेटे को जन्म दिया था। वहीं सुनीता की सास जावित्री देवी आठ दिन पहले अपनी बेटी के यहां फिरोजाबाद के गांव दौंकेली गई थी।