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अब सुबह शाम फूलबंगले में दर्शन देंगे ठाकुर बांकेबिहारी

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बांकेबिहारी मंदिर में सजे फूल बंगला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वृंदावन (मथुरा)। जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज अब राजभोग (सुबह) और शयनभोग (शाम) दोनों ही सेवाओं में फूलबंगले में विराज सकेंगे। सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा द्वारा इस आशय के आदेश को बरकरार रखने वाला अहम फैसला हाईकोर्ट ने दिया है। जिससे राजभोग सेवाधिकारियों में खुशी की लहर है। परंपरा का हवाला देकर मथुरा के न्यायालय के आदेश को खारिज करने संबंधी याचिका का निस्तारण करते हुए हाईकोर्ट ने 31 जुलाई को यह अहम फैसला दिया है।
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बुधवार की शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की पत्रकारों को जानकारी देते हुए मंदिर सेवायत बाल कृष्ण गोस्वामी, रजत गोस्वामी और उनके अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी महाराज मंदिर में फूलबंगला सेवा का क्रम शाम की तरह सुबह भी करने को लेकर सहमति प्रदान करते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा द्वारा 23 दिसंबर 2002 को एक सकारात्मक व अहम निर्णय दिया था।

जिस पर शयनभोग सेवाधिकारी गौरव गोस्वामी ने न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा व अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए इस निर्णय के विरुद्ध एक अपील हाईकोर्ट में दाखिल की, जिसमें परंपरा के टूटने का हवाला देकर मथुरा न्यायालय का आदेश खारिज करते हुए चली आ रही व्यवस्था को ही कायम रखने की प्रार्थना की।
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लंबी सुनवाई के बाद 31 जुलाई 2018 को इस अपील का निस्तारण करते हुए उच्च न्यायालय ने सिविल जज जूनियर डिवीजन के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। प्रतिपक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता ने बताया कि चीफ जस्टिस दिलीप बी भोंसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ ने शयनभोग सेवाधिकारी के अधिवक्ता संजय गोस्वामी द्वारा किसी ठोस व प्रामाणिक साक्ष्य के अभाव में दिए गए इस तर्क को अपर्याप्त और अधूरा माना कि सुबह फूलबंगला की परंपरा शुरू होना सेवायतों के अधिकारों और परंपराओं का हनन है।

वहीं याचिकाकर्ता गौरव गोस्वामी ने फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
लगभग 16 वर्षों बाद आए निर्णय का स्वागत करते हुए राजभोग सेवाधिकारी बालकृष्ण गोस्वामी, रजत गोस्वामी, रसिक शेखर गोस्वामी और ज्ञानेंद्र गोस्वामी ने कहा कि इस निर्णय से ठाकुर जी की सेवा का जहां वैभव विस्तार होगा वहीं श्रद्धालुओं को दर्शनों में सहजता के साथ ही फूलबंगला सजवाने को श्रद्धालुओं को लंबी-लंबी तारीखों से भी निजात मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट की प्रमाणित प्रति मंदिर प्रबंधन को उपलब्ध करा दी गई है। आज से हरियाली अमावस्या तक फूलबंगले सजेंगे।

इधर, मंदिर के उप प्रबंधक उमेश सारस्वत ने कहा कि सुबह फूलबंगला बनाए जाने का उन्हें सिर्फ प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। मथुरा मुंसिफ का कोई आदेश नहीं मिला है।
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