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62 गांव में नहीं रहता एक भी गरीब

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तरसते गरीब, दफन होती योजनाएं - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
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जनपद काफी पिछड़ा हुआ माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के हालत तो और भी बदतर हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के पास रोजगार के बेहतर साधन नहीं है। खेती किसानी या फिर मेहनत मजदूरी के सहारे ही उनका जीवन यापन चलता है। इसके बाद भी जनपद के ग्रामीण क्षेत्र के 34.86 प्रतिशत परिवार ही सरकार के गरीबी रेखा के मानक पर खरे उतर सके हैं। जिले के 713 गांवों में से सिर्फ 651 गांवों के लोगों को इस योजना की सूची में शामिल किया गया है। 62 गांवों में ऐसा कोई गरीब नहीं मिला जो इस योजना में शामिल किया जा सके।सरकार इन परिवारों को ही प्रधान मंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के तहत पांच लाख तक का इलाज मुहैया कराएगी। जबकि शेष 65.24 प्रतिशत परिवारों को अपने भरोसे ही अपनी बीमारी का इलाज कराना होगा।
जनपद में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में 190739 परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों में से 185199 परिवार खेती पर निर्भर हैं। इनमें से 182598 परिवार तो ऐसे हैं जिनके पास इतनी भी जमीन नहीं है जिससे वे अपने परिवार का सही ढंग से भरण पोषण कर सकें। ऐसी स्थिति में जीवन यापन करने के बाद भी पांच लाख तक निशुल्क इलाज के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के तहत जो सूची जारी की गई उसमें ऐसे तमाम परिवार आने से वंचित रह गए। मात्र 66507 परिवार ही इस योजना में शामिल हो पाए। जबकि 124232 परिवारों को सरकार ने गरीब न मानते हुए योजना में शामिल नहीं किया। इन परिवारों में से यदि देखा जाए तो मात्र 104 परिवर ही ऐसे हैं जिनके पास 10 हेक्टेयर से अधिक जमीन है। जबकि 2497 परिवारों पर 4 से 10 हेक्टेयर जमीन है।
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क्या है योजना
सरकार प्रधान मंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के तहत इस योजना में आने वाले परिवारों को पांच लाख तक का इलाज मुहैया कराएगी।

जनपद में खेती की स्थिति
परिवार भूमि हेक्टेयर में
93182 0.5 से कम
48421 0.5 से 1 तक
29966 1 से 2 तक
11029 2 से 4 तक
2497 4 से 10 तक
104 10 से अधिक
मजदूरी में पंजीकृत परिवारों की स्थिति
वर्ष 2011 में मनरेगा में काम करने वाले परिवार 81200
राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के तहत जो सूची प्राप्त हुई है उसमें विभाग नए परिवार शामिल नहीं कर सकता। सूची में किसी परिवार में जन्म लेने वाले बच्चे या शादी हो कर आने वाली महिला का नाम ही शामिल किया जा सकता है। डां. रंगजी दुबे
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