मैनपुरी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 25 फीसदी कोटा निर्धारित है। बावजूद इसके जिले में गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा है। ऐसा प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी के चलते हो रहा है।
वर्ष 2017 में शिक्षा विभाग के पास 125 आवेदन आए थे, जिनमें से 94 छात्रों को प्रवेश विभाग ने निजी स्कूलों में दिलवाया। 31 छात्रों का एडमिशन नहीं हो सका। शत प्रतिशत एडमिशन न होने के पीछे शिक्षा विभाग की लापरवाही और स्कूल संचालकों की मनमानी है। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग की ओर से इस दिशा में लोगों को जागरूक भी नहीं किया जाता है।