मथुरा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण पर्यावरण और हरियाली को लेकर गंभीर है, लेकिन अफसरों की लापरवाही हद दर्जे की है। सड़क के लिए सिंचाई विभाग की जमीन पर लगे 50 से अधिक पेड़ काट दिए गए। वन विभाग ने इस मामले में सिंचाई विभाग से कारण पूछा तो उल्टे सिंचाई विभाग ने ही वन विभाग को नोटिस भेजकर लकड़ी जब्त पर सवाल पूछ लिए हैं।
गोवर्धन में लोकनिर्माण विभाग द्वारा गोवर्धन बाईपास मार्ग बनाया जा रहा है। इस सड़क के बीच में गोवर्धन ड्रेन पर लगे हरे पेड़ आ रहे थे। इस पर सींचपाल ने इन पेड़ों को हटाने के आदेश दे दिए। ठेकेदार ने 50 से अधिक पेड़ और पौधों को काट दिया। 18 फरवरी को जब वन विभाग को ये बात पता चली तो मौके से 26 पेड़ों की लकड़ी जब्त कर सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर दिया।
इस घटना को एक माह से अधिक हो गया जांच कर रहे वन रेंजर्स देवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक सिंचाई विभाग के लोगों ने बयान दर्ज नहीं कराया है दो बार नोटिस भेजा जा चुका है। उल्टे सिंचाई विभाग ने लकड़ी जब्त करने पर नोटिस जारी कर दिया है। इस पर एक बार फिर उन्हें बयान देने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है।