कोसीकलां (मथुरा)। गांव फालैन में होली की लपटों से निकलने के लिए बाबूलाल पंडा तो तप पर बैठ गया, लेकिन प्रह्लाद कुंड में गंदगी की समस्या के निदान के लिए प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।
आचमन के लिए दुर्लभ माने जाने वाला प्रह्लाद कुंड अब गांव के गंदे नालों को समेटने वाला तालाब बन गया है। जिससे आचमन करना तो दूर, छूना भी बीमार कर सकता है। इसका कारण कोई और नहीं बल्कि स्वयं वही गांव है। गांव फालैन को प्रह्लाद नगरी का दर्जा भक्त प्रह्लाद से जुड़ी लीलाओं ने ही दिया है। प्रह्लाद कुंड में आस्था की डुबकी लगाकर धधकते अंगारों में कूदने वाला पंडा भी कुंड की इस वेदना से अलग नहीं है। आलम यह है कि इस कुंड में गांव की नालियों का गंदा पानी खुलेआम गिर रहा है। हालांकि ग्रामीण इसको लेकर कई बार प्रशासन से से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। होलिका आते ही यह मुद्दा कुछ दिनों के लिए लोगों की जुबान पर आता है। कमल चौधरी का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को आकर व्यवस्था देखनी चाहिए। कोई कुछ सुनने को या करने को तैयार नहीं है। फिर लोगों से झगड़ा कौन मोल ले।