मथुरा। शेरगढ़ के एक गांव में फांसी के फंदे पर लटकी मिली युवती के परिजनों की रिपोर्ट दर्ज न होने पर ग्रामीण शव लेकर डीएम, एसएसपी से मिलने सिविल लाइन पहुंच गए। इसकी भनक लगते ही दौड़ी पुलिस ने ग्रामीणों को डीएम आवास के निकट रोक लिया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाबुझाकर वापस गांव भेजा।
दो दिन पूर्व शेरगढ़ के एक गांव में किशोरी घर में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी। पिता का आरोप है कि पड़ोसी युवकों ने घर में कूद कर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। शिकायत करने बेटी के साथ थाने गए, लेकिन पुलिस ने उन्हीं को थाने में बैठा लिया और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। शर्म से उसकी बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी। अब तक शेरगढ़ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इससे गुस्साए परिजन ग्रामीणों के साथ पोस्टमार्टम हाउस से युवती का शव लेकर डीएम और एसएसपी से मिलने पहुंच गए। भनक लगते ही अफसरों में खलबली मच गई। नामांकन की व्यवस्थाओं के मद्देनजर कलक्ट्रेट द्वार पर तैनात पुलिस अफसर ग्रामीणों को रोकने दौड़ पडे़। डीएम आवास से पहले ही शव को लेकर आए ग्रामीणों को पुलिस ने रोक लिया। इस पर परिजनों के साथ ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। कहा कि दो बार पुलिस उनके घर जा चुकी है, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अफसरों ने स्थिति को संभालते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। थाना प्रभारी रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि पिता की तहरीर पर पवन, राजेश, बंटी और संजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज की है।
बनाई गई स्लाइड
युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगना आया है। शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं आए हैं। इसके अलावा युवती की स्लाइड बनाई गई है, इसे आगरा भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने केे बाद ही दुष्कर्म का खुलासा हो सकेगा।