आगरा। जिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाएं बदहाल मिली। एक्सरे कक्ष में स्टाफ नहीं था तो ब्लड बैंक में महज 12 यूनिट रक्त था। वाटर कूलर खराब थे, तो ओपीडी की इमारत का निर्माण भी काफी धीमी गति से चल रहा था। आश्रय स्थल के पास गंदगी थी। एडीएम और सीडीओ ने अलग-अलग निरीक्षण कर एसआईसी से रिपोर्ट तलब की है।
एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव शनिवार दोपहर करीब तीन बजे जिला अस्पताल पहुंची। यहां ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। उन्होंने एसआईसी डा. सुबोध कुमार से पूछा कि इमरजेंसी में इतनी कम यूनिट ब्लड में कैसे इलाज होगा। एक्सरे कक्ष में अलमारी खुली थी। एक्सरे फिल्म तितर-बितर पड़ी थीं। एसआईसी से पता चला कि अजय शर्मा की ड्यूटी थी। उससे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।
ओपीडी की नई इमारत पहुंचे, यहां 2011 से बननी शुरू हुई, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। संबंधित कार्यदायी संस्था को नोटिस देने के निर्देश दिए। शाम करीब चार बजे सीडीओ रविंद्र कुमार ने भी निरीक्षण किया। गंदगी देख बोले, गंदगी से बीमारी और बढ़ेगी। इमरजेंसी, आइसीयू का हाल भी देखा। एनआरसी सेंटर पहुंच मरीजों से भी बात की। सीडीओ ने खामियों के सुधार के लिए एसआईसी डा. सुबोध कुमार को निर्देश दिए।