एटा। जीएसटी के फेर से जिला अस्पताल भी नही बच सका। प्रभावी ढंग से जीएसटी लागू नहीं होने से जिला अस्पताल आने वाले मरीजों के सामने दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। वाणिज्य कर कार्यालय से जीएसटी नंबर नहीं मिलने से कंपनी ने दवाईयों की आपूर्ति रोक दी है। इसके चलते जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में दर्द निवारक, जले की क्रीम, एबीफ्लो की बोतल सहित 12 अति आवश्यक दवाईयों का टोटा है। दवाईयों की कमी का कारण कुछ और नहीं बल्कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया का जीएसटी बिल है। बता दें कि जिला अस्पताल में कंपनियां सीधे दवाइयों की आपूर्ति करतीं हैं। लेकिन अब कंपनियां ने दवाओं की आपूर्ति इसलिए बंद कर दी है कि जिला अस्पताल को अभी तक जीएसटी नंबर नहीं मिला है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग बेशक यह कह रहा है कि मरीजों के लिए दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन हकीकत में मरीज अस्पताल से दवाईयों के अभाव में बैरंग लौट रहे हैं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मी खुद ही दवाई का इंतजाम कर मरीजों को बांट रहे हैं। ताकि मरीजाें और तीमारदारों के हंगामे से बचा जा सके। जबकि वाणिज्य कर विभाग ने बीस जुलाई के बाद सरकारी विभागों को जीएसटी में माइग्रेट करने के लिए आवेदन करने को कहा है। ऐसे में आने वाले सप्ताह में दवाइयां नहीं मिलीं तो परेशानी बढ़ सकती है।
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वाणिज्य कर कार्यालय से जीएसटी नंबर न मिल पाने के कारण दवाईयों का स्टॉक कंपनी ने रोक दिया है। जीएसटी नंबर मिलते ही दवाइयों की कमी की भरपाई हो जाएगी। फिलहाल जिला अस्पताल में 12 अति आवश्यक दवाई नही है। किसी तरह से इंतजाम कराकर मरीजों को दवाई दी जा रही है।
डा. बी.सागर, सीएमएस जिला अस्पताल एटा।