मैनपुरी। नगर पालिका क्षेत्र में लोगों की प्यास बुझाने के लिए 37.12 करोड़ की लागत से अटल मिशन के तहत तैयार की गई मैनपुरी पेयजल पुनर्गठन योजना बजट के अभाव में लटक गई है। योजना के तहत वंचित इलाके चिन्हित कर चार जलाशय, नौ नए नलकूप स्थापित किए जाने थे। 89 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाए जाने की योजना का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
शहर के पेयजल समस्या ग्रस्त इलाकों में अटल मिशन के तहत बनी इस योजना के तहत नौ जोन में बांटे गए शहर में पहले जोन में किला, दूसरे में राजा का बाग, तीसरे में पंजाबी कालोनी, चौथे में आवास विकास, पांचवें में अवधनगर, छठवें में करहल चौराहा, सातवें में महमूदनगर, आठवें में आठवें में सिविल लाइन तथा नवें में मिशन कंपाउंड को शामिल किया गया है।
योजना के तहत दो चरणों में होेने वाले काम में पहले चरण में करहल चौराहा, महमूदनगर, मिशन कंपाउंड, दूसरे चरण में किला, राजा का बाग, पंजाबी कालोनी, अवधनगर, सिविल लाइन को शामिल किया गया है। इस दौरान जल निगम द्वारा नगर क्षेत्र में चार नए जलाशय, नौ नलकूप लगाए जाने थे।
इसके अलावा तीन नलकूप रीबोर करने, 89 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाकर वंचित क्षेत्रों में वर्ष 2018 तक पेयजल सुविधा दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। 37.12 करोड़ की लागत से तैयार की गयी योजना का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पर बजट नहीं मिलने से यह ठप पड़ी हुई है।
सहायक अभियंता जलनिगम कुलदीप प्रजापति ने कहा कि मैनपुरी पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत वंचित क्षेत्रों को पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन से बजट मंागा गया है। शासन की उच्च स्तरीय समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक माह में विभाग को बजट मिलने की संभावना है।