आगरा। मथुरा के बुलियन कारोबारी से दुस्साहसिक बदमाशों ने 1.05 करोड़ की लूट की थी। बदमाशों को खोजने में 400 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। पर 10 दिनों ये पुलिसकर्मी तीन लुटेरे और एक सराफ के कर्मी समेत सात लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी। सरगना अब भी पुलिसवालों की पकड़ से दूर है। वहीं इन बदमाशों से घर-दुकान कुछ भी सुरक्षित नहीं है। वे तबाड़तोड़ वारदात को अंजाम दे रहे हैं। बाइकर्स गैंग ने बृहस्पतिवार को ही ताजगंज इलाके में घर के बाहर टहल रही महिला से चेन, मोबाइल लूट लिया।
मथुरा में बुलियन कारोबारी अंकित बंसल से 1.05 करोड़ की लूट करने वालों बदमाशों की तलाश में 400 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। 10 दिनों में पुलिसकर्मी सिर्फ तीन बदमाश और सराफ के एक कर्मचारी समेत कुल सात लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी। सरगना अब भी पकड़ से दूर है। जबकि इन बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमों ने 65 किलोमीटर तक चार हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आगरा और हाथरस तक दबिश दी थी।
मथुरा निवासी अंकित बंसल से 16 अगस्त को रेलवे स्टेशन रोड पर चौकी बाग बहादुर से 50 मीटर दूर दो बाइक सवार चार बदमाशों ने 1.05 करोड़ रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने 26 अगस्त को घटना का खुलासा किया था। इसमें तीन लुटेरे नीतेश, तरुण चौधरी और जीतू उर्फ जितेंद्र शामिल थे। वहीं शरणदाता और मुखबिरी करने वाले सराफ के कर्मचारी सहित चार आरोपी भी गिरफ्तार किए थे। सरगना हाथरस के सादाबाद निवासी अरविंद उर्फ भूरा फरार है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश की जा रही है।
एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि मथुरा में 1.05 करोड़ रुपये की लूट की गई। इसके बाद रुनकता में 11 लाख रुपये लूटे गए। दोनों घटनाओं में कर्मचारियों ने ही मुखबिरी की थी। मथुरा में हुई लूट का खुलासा करने में आगरा और मथुरा के 400 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। तकरीबन चार हजार कैमरों के फुटेज को खंगाला गया। तब बदमाशों का सुराग मिला। अब सरगना की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है।
आगरा में भी सरगना की तलाश
मथुरा लूटकांड के सरगना अरविंद उर्फ भूरा की तलाश आगरा में भी की जा रही है। अरविंद के खिलाफ थाना सिकंदरा में भी मुकदमे दर्ज हैं। उसने फायरिंग की थी। उसकी तलाश सिकंदरा, खंदौली के बाद सादाबाद थाना क्षेत्र में भी की गई है।
रुनकता लूटकांड के खुलासे में सौ पुलिसकर्मी लगे
रुनकता में सुधीर फिलिंग स्टेशन पर लूटकांड के खुलासे के लिए भी दस टीम को लगाया गया था। इनमें तकरीबन सौ पुलिसकर्मी शामिल थे। यहां भी पुलिस कर्मियों ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए।