जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा की गई छापेमारी में 63 खाद्य सामग्री के नमूने की रिपोर्ट मिली है। इसमें 39 नमूने फेल पाए गए। 21 अधोमानक, नौ में नियमों का उल्लंघन और चार अपमिश्रित पाए गए। डराने वाली रिपोर्ट पान मसाला, मीठी सुपारी, सरसों का तेल, लॉलीपाप, दूध की रही। इनके सैंपल सेहत के लिए असुरक्षित बताए गए हैं। सर्वाधिक दूध के नमूने फेल हुए हैं।
जिला अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि पान मसाला में गेंबियर, मीठी सुपारी में अत्यधिक सैक्रीन, दूध में महुआ का तेल, सरसों में पाम आयल ओर लॉलीपाप में हानिकारक रंग पाए गए हैं। इनकी बिक्री करने वाले संचालक के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलेगा। सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है। एसएन मेडिकल कालेज के वरिष्ठ चिकित्सक डा. आशीष गौतम बताते हैं कि मिलावटी खाद्य सामग्री से लिवर की समस्या हो सकती है। हानिकारक रंगों से त्वचा रोग की संभावना अधिक रहती है।
दूध के आठ नमूने फेल
सर्वाधिक दूध के नमूने फेल हुए हैं। इनकी संख्या आठ है। इसके अलावा सोयाबीन रिफाइंड, अरहर की दाल, बूंदी के लड्डू, खोआ, मिश्रित दूध, नमकीन, आमचूर्ण पाउडर, खीरमोहन खाद्य सामग्री है। बेसन में मैदा-रंग, अरहर की दाल में रंग, खोआ में डालडा और बूंदी के लड्डू में मैदा की मिलावट पाई गई।
सैंपल में ये असुरक्षित
करमचंद पान मसाला : राकेश निवासी एत्मादपुर और श्यामलाल भोजवानी निवासी पराग इंटरनेशनल ग्वालियर
लवली मीठी सुपारी : अरविंद निवासी बल्केश्वर और जतिन अग्रवाल निवासी भरतपुर हाउस
दूध में महुए का तेल : डरे लाल निवासी डौकी
अजय ब्रांड लॉलीपाप : अजय कुमार निवासी पीपलमंडी
सरसों का तेल : मुकेश जैन निवासी शमसाबाद
63 नमूने की आई रिपोर्ट
39 नमूने फेल पाए गए
21 नमूने अधोमानक पाए गए
05 नमूने सेहत के लिए असुरक्षित
09 नमूने नियमाें का उल्लंघन
04 नमूने अपमिश्रित