फाउंड्री नगर और सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से उद्यमी परेशान हैं। उद्यमियों का कहना है कि यूपीसीडा 35 रुपये प्रति वर्गमीटर रखरखाव शुल्क ले रहा है, लेकिन सुविधाएं बदहाल हैं।
आगरा के फाउंड्री नगर और सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाएं नदारद हैं। उद्यमी परेशान हैं। स्ट्रीट लाइट खराब हैं। नियमित सफाई नहीं होती। पीने को मीठा पानी नहीं। एक महीने से धंसी सड़क मरम्मत की बाट जोह रही है। ये हाल तब है, जबकि इन सुविधाओं के लिए यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रखरखाव शुल्क वसूल रहा है।
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फाउंड्री नगर में करीब 400 औद्योगिक भूखंड हैं। इसके अलावा सिकंदरा स्थित साइट ए, बी और सी में औद्योगिक क्षेत्र है। नेशनल चैंबर के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने बताया कि यूपीसीडा के शुल्क के अलावा उद्यमियों को जलकल, जलमूल्य व सीवर कर अतिरिक्त देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा जब क्षेत्र नगर निगम के अधीन था तब रिहायशी भूखंड का औद्योगिक में तीन गुना और व्यावसायिक में पांच गुना टैक्स का प्रावधान था। यह सिर्फ कवर्ड एरिया पर लगता था। 2000-2000 मीटर के भूखंड हैं। किसी भूखंड पर 500 मीटर कवर्ड एरिया है लेकिन शुल्क पूरा 2000 वर्ग मीटर का वसूला जा रहा है। इससे उद्यमियों में रोष है।
फाउंड्री नगर उद्योग संघ के अध्यक्ष अतुल गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं। कचरा और कूड़ा की सफाई नहीं होती। रात में अंधेरा रहता है। एक महीने पहले सड़क धंस गई थी। उसकी मरम्मत नहीं कराई। उद्यमी संजय गोयल का कहना है कि यूपीसीडा सिर्फ शुल्क वसूल रहा है, सुविधाएं शून्य हैं। मनमानी तले उद्यमी दबे हुए हैं।
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यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक सीके मौर्य ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए एक्सईएन को निर्देश दिए हैं। पानी के लिए टंकी बन रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाएं पहले से बेहतर हैं। उद्यमियों के सहयोग से सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।