एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लगने के बाद भी धरना-प्रदर्शन जारी रखना लेखपालों को भारी पड़ने लगा है। मंगलवार को आगरा, मैनपुरी और एटा जिले में हड़ताल कर रहे 45 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से लेखपालों में खलबली मच गई है।
विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर बीते 10 दिसंबर से लेखपाल कार्य बहिष्कार पर हैं। आगरा की सदर तहसील परिसर में लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को शासन की ओर से एस्मा भी लागू कर दिया गया। इसके बाद भी लेखपालों ने अपना आंदोलन जारी रखा।
इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी भीमसेन और जिला मंत्री प्रताप सिंह सहित 10 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। जिले के शेष लेखपालों को काम नहीं तो वेतन नहीं का नोटिस जारी कर दिया है।
मैनपुरी में 21 लेखपाल निलंबित
मैनपुरी जिले में संबंधित उप जिलाधिकारियों ने 21 लेखपालों को निलंबित किया है। वहीं 186 अन्य लेखपालों का एक दिन का वेतन काटा गया है। लेखपाल को साफ तौर पर निर्देशित किया गया है कि जो भी धरने में शामिल होगा, उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एटा में 14 लेखपाल निलंबित
उधर, एटा जिले में 14 लेखपालों को निलंबित कर एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) की कार्रवाई की गई है। वहीं 109 लेखपालों को काम नहीं वेतन नहीं का नोटिस जारी किया गया है। शासन के निर्देश पर यही कार्रवाई की गई है।
एटा सदर तहसील में कार्यरत लेखपाल नेमसिंह वर्मा, सुरेश कुमार, सत्यवीर, नरसिंह पाल को निलंबित किया गया है। वहीं जलेसर में राकेश कुमार यादव, खगेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, कैलाश चंद्र, सौरभ चौहान को एसडीएम ने निलंबित किया है।
अलीगंज में प्रमोद यादव, अवनीश गुप्ता, प्रदीप सिंह, राजीव यादव व अनुज सिंह को निलंबित किया गया है। वहीं 109 लेखपालों को नोटिस दिया गया है। उधर, कासगंज जिले में भी 134 लेखपालों पर प्रशासन ने एस्मा के तहत वेतन रोकने की कार्रवाई की है।