जेल में बंद 34 बांग्लादेशी अब देश से बाहर किए जाएंगे। इन सभी को 12 अप्रैल से एक जुलाई के मध्य खुफिया विभाग ने गिरफ्तार किया था। इनमें से कई ने तो राशन कार्ड तक बनवा लिए हैं। अब इन सभी को खुफिया विभाग ने देश से बाहर खदेड़ने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी है।
सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले मथुरा में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रह रहे हैं। समय-समय पर मिलने वाले इनपुट के आधार पर इनकी गिरफ्तारियां भी होती रही हैं। खुफिया एजेंसियों ने चार महीने में 34 बांग्लादेशियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया था। यह थाना हाईवे के सराय आजमाबाद, राधाकुंड और गोवर्धन की इंद्रानगर कालोनी में अपना ठिकाना बनाए हुए थे। एलआईयू इंस्पेक्टर केपी कौशिक ने बताया कि 29 बांग्लादेशी मथुरा की जेल में हैं और पांच बाल सुधार गृह में। इन सभी को बार्डर पर छोड़ने की तैयारी कर ली गई है। प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी गई है।
रोहिंग्या भी बने हैं बड़ा खतरा
रोहिंग्या भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। हालांकि समय-समय पर इनके बारे में एजेंसियां जानकारी जुटाती रहती हैं, लेकिन फिर भी तमाम के पास मोबाइल होने की जानकारी मिलती रहती है। पिछले दिनों जब पुलिस ने चेकिंग की थी तो तमाम रोहिंग्या मथुरा छोड़कर चले भी गए थे, लेकिन कुछ दिन बाद फिर आ गए। मथुरा के सराय आजमाबाद से 20, राधाकुंड से एक और गोवर्धन की इंद्रा कालोनी से 13 बांग्लादेशी पकड़े गए थे।
जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को यहां से खदेड़ा जाएगा। किसी कीमत पर यहां नहीं रहने दिया जाएगा। खुफिया विभाग अवैध रूप से रह रहे ऐसे लोगों पर निगाह बनाए है।
-बबलू कुमार, एसएसपी