नगला सराय की गोशाला में जुलाई में 101 गोवंश होने की रिपोर्ट भेजी गई थी, लेकिन जांच में सिर्फ 68 मिले। 33 गोवंश कम मिलने और गोशाला की बदहाल व्यवस्थाओं पर वीडीओ को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
आगरा के फतेहपुर सीकरी की गोशालाओं में भी गड़बड़झाला हो रहा है। फतेहपुर सीकरी ब्लॉक की ग्राम नगला सराय में अधिकारियों की जांच इसका खुलासा हुआ। जुलाई में 101 गोवंश होने की रिपोर्ट भेजी गई थी। निरीक्षण में सिर्फ 68 मवेशी मिले। 33 मवेशी कम थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) हरेंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया। पांच सितंबर को जारी आदेश में गड़बड़ी के लिए उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है।
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जिला विकास अधिकारी भावना यादव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, मुख्य विकास अधिकारी के पत्र के आधार पर गोशाला की जांच कराई गई थी। 18 अगस्त को उपयुक्त श्रम रोजगार आगरा के निरीक्षण के दौरान गोशाला में 68 गोवंश मिले, जबकि सचिव की ओर से जुलाई माह के निरीक्षण में 101 गोवंश संरक्षित होने की रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भेजी गई थी।
जांच में पाया गया कि हरे चारे की बुआई तो की गई थी लेकिन गोवंशों को हरा चारा नहीं खिलाया जा रहा था। पशुओं को खिलाए जा रहे आहार की जांच में संबंधित आहार ब्रांडेड कंपनी का नहीं मिले। हरा चारा काटने वाली मशीन भी गोशाला में नहीं मिली। गोशाला के भूसे की स्थिति भी खराब बताई गई। बारिश में टिनशेड से पानी टपक रहा था, जिससे भूसा भी खराब हो रहा था। सफाई की व्यवस्था भी खराब मिली।
गोशाला में केवल एक केयरटेकर तैनात मिला। जबकि उपलब्ध गोवंशों की संख्या के आधार पर कम से कम दो से तीन केयरटेकर होने चाहिए। वहीं, एक केयरटेकर को नियमित भुगतान नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। जांच के दौरान गोशाला से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। वीडीओ को निलंबित करने के साथ मामले की विभागीय जांच के लिए खंड विकास अधिकारी, बाह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
फतेहपुर सीकरी के खंड विकास अधिकारी रजत कुशवाहा ने बताया कि गोशाला की जाली टूटी हुई थी। इस कारण कुछ गोवंश कूदकर निकल गए। जाली को दुरुस्त करा दिया गया है। साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।