कासगंज के ग्राम भिटौना में भागवत कथा के समापन के बाद आयोजित भंडारे के का प्रसाद खाने से बीमार बालक की अलीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे गांव में खलबली मच गई। ग्रामीण निजी चिकित्सकों के यहां इलाज को पहुंचने लगे। 32 ग्रामीण प्रसाद खाने से बीमार हुए।
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भागवत कथा के समापन के बाद ग्राम नगला भूड़ में शुक्रवार की देर सांय भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें भिटौना, नगला भूड़ एवं आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रसाद खाने के लिए पहुंचे। देर रात तक भंडारा चलता रहा। भंडारे का प्रसाद खाने के बाद काफी संख्या में ग्रामीण फूड प्वाइजनिंंग का शिकार हो गए। लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। जब ग्रामीणों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी तो पहले तो ग्रामीणों को कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब बीमारों की संख्या बढ़ी तो वे चिंतित हो गए। ग्रामीणों ने जैसे तैसे रात काटी। दिन निकलने के बाद ग्रामीण इलाज कराने के लिए निजी चिकित्सकों के यहां चले गए।
बालक यश (9) पुत्र तालेवर को परिजन हालत गंभीर देखते हुए निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने उसको भर्ती करने के बाद इलाज किया, लेकिन बालक की हालत में सुधार नहीं आया तो उसकी गंभीर हालत देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया। जहां उसने शनिवार की देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बालक की मौत की सूचना से गांव में खलबली मच गई। परिजन उसके शव को गांव वापस ले आए।
तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था मृतक बालक
भंडारे का प्रसाद खाने के बाद मृतक बालक यश तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। उसकी सबसे बड़ी बहन अलका (14) एवं भाई अमर (12) है। सबसे छोटे बेटे की मौत से मां सुंधा देवी का रो रोकर बुरा हाल है। मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पिता दिल्ली में करता है सिलाई
मृतक बालक यश का पिता तालेवर दिल्ली में रहकर सिलाई का कार्य करता है। जैसे ही बालक की मौत की सूचना उसे मिली वह दिल्ली से अपने घर वापस आ गया। वह बेटे की मौत से काफी दुखी नजर आया।