मथुरा। फर्जी प्रमाणपत्रों से हुई शिक्षकों की भर्ती में अधिकारी फंस रहे हैं। मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने 216 शिक्षकों की भर्ती का रिकार्ड बीएसए आफिस से लिया है। ज्वाइनिंग लेटर से लेकर काउंसलिंग कमेटी तक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रदेश में इसी साल अप्रैल में हुई 12460 शिक्षकों की भर्ती में 216 शिक्षकों की भर्ती मथुरा में हुई थी। कुछ के प्रमाण पत्रों को संदेह होने के बाद जब डायट प्राचार्य ने चेक कराया तो बड़ा खेल सामने आया। 33 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। टैट, बीटीसी और बीएड के प्रमाणपत्र जाली थे। जिस कालेज से जारी होना दर्शाया गया था जब वहां पता कराया तो पता चला कि इस नाम से प्रमाणपत्र जारी ही नहीं हुए हैं।
लिहाजा 33 के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जब मामला शासन तक पहुंचा तो पूरी भर्ती प्रक्रिया के जांच के आदेश हुए। क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंदरेश भदौरिया पुलिस टीम के साथ पहुंचे और रिकार्ड खंगाला। सभी 216 शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी रिकार्ड अपने साथ ले लिया है।
रिकार्ड चेक करने के लिए काउंसलिंग करने वाले अधिकारियों की सूची भी तलब की गई है। जिस तरह से जांच की जा रही है उससे माना जा रहा है कि इसमें अधिकारियों का फंसना तय है। क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान सारे रिकार्ड चेक करने की जिम्मेदारी अधिकारियों पर ही थी। लिहाजा कहीं न कहीं गड़बड़ी की संभावना व्यक्त की जा रही है।