एटा। परिषदीय बच्चों को जुलाई में भी पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकेंगी। उन्हें कम से कम एक माह और बिना किताबों के गुजारना होगा। बीएसए कार्यालय के अनुसार अभी तक कक्षा सात और आठ की तीस प्रतिशत किताबें मिल पा रही हैं। एक लाख दस हजार से अधिक प्राइमरी कक्षाओं का वर्क आर्डर अब मांगा गया है।
शिक्षा सत्र के ढाई माह गुजरने के बाद भी जिले पुस्तक भंडारण खाली है। मांग के बावजूद प्रकाशकों से नि:शुल्क पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में जिले के सवा लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बस्ते खाली रहेंगे। उन्हें बिना कोर्स के जुलाई का महीना और गुजारना होगा।
बता दें कि मार्च में भेजे गए वर्क आर्डर के अनुरूप कक्षा सात और आठ की किताबें मिलने लगी हैं। इन कक्षाओं की भी अभी तक मात्र तीस प्रतिशत किताबें ही मिल सकी हैं। वहीं अन्य कक्षाओं की किताबों के वर्क आर्डर 11 जून को जारी हुए हैं। ऐसे में इनके लिए अभी और इंतजार करना होगा। बता दें कि पंजीकृत एक लाख 64 हजार 780 बच्चों के लिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत नि:शुल्क पुस्तकें मांगी गईं हैं। निर्धारित पाठ्यक्रमानुसार बच्चों के लिए 11 लाख से अधिक पाठ्य पुस्तकों और वर्क बुक की आवश्यकता होगी।
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अभी तक कक्षा सात और आठ की लगभग तीस प्रतिशत पुस्तक प्राप्त हुई हैं। कक्षा एक से छह तक का वर्कआर्डर इसी सप्ताह मांगा गया है। वर्कआर्डर के तीन माह में पुस्तकें उपलब्ध कराने के आदेश हैं।
-राजीव यादव, नि:शुल्क पुस्तक पटल प्रभारी