एटा। नगर पालिका की बोर्ड बैठक के बाद मिनट बुक से की गई छेड़छाड में पूर्व पालिकाध्यक्ष को दोषी माना गया है। जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए है।
रविवार को जिलाधिकारी अमित किशोर ने बताया कि 11 अप्रैल को नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें तीन विशेष एवं 74 अन्य प्रस्ताव के साथ सभासदों के चार प्रस्ताव पास हुए थे। सभासदों की मांग पर बैठक में मिनट बुक पर कार्रवाई दर्ज की गई थी। जिसके बाद पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने कर्मचारी को प्रभाव में लेकर मिनट बुक घर पर मंगा ली। इसके बाद मिनट बुक में दर्ज सभासदों के अन्य चार प्रस्ताव पर टिप्पणी दर्ज कर उन्हें निरस्त कर दिया।
सभासदों को इसकी जानकारी 13 अप्रैल को हुई और मामला तूल पकड़ गया। जिन्होनें मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिस पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर रिपोर्ट मांगी। जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया है कि पूर्व पालिकाध्यक्ष ने मिनट बुक में छेड़छाड की है। जिसको लेकर पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर दिए है।
मिनट बुक में छेड़छाड़ किए जाने का आरोप जांच समिति की रिपोर्ट में सिद्व हुआ है, जो गलत है। इसको लेकर पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
अमित किशोर, जिलाधिकारी
प्रशासन मानसिक उत्पीडन कर रहा है। पालिकाध्यक्ष कम पढ़ी लिखी होने की वजह से उनके कहने पर और हस्ताक्षर होने से पहले मिनट बुक में टिप्पणी लिखी थी। मैंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। मगर जब मेरे खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
राकेश गांधी, पूर्व पालिकाध्यक्ष