विकास विभाग के गंजडुडवारा एवं अमापुर विकास खंड कार्यालय पर तैनात लेखाकारों ने मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर से दूसरे विभाग में तैनाती के आदेश जारी कर लिए। आदेश की सत्यता की जांच को रिपोर्ट भेजी गई। जांच में मामला फर्जी पाने पर शासन से मामला दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए। शासन के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
अमांपुर विकास खंड कार्यालय में तैनात लेखाकार महाराज सिंह पत्नी ने 24 अक्तूबर 2017 पारिवारिक स्थिति खराब होने तथा स्वयं की बीमारी का हवाला देते हुए पत्र लिखा। इस पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से महाराज सिंह को जिला पंचायत या आरटीओ कार्यालय में तैनात करने के निर्देश निदेशालय के माध्यम से जारी करा लिए। इसी तरह गंजडुडवारा में तैनात लेखाकर अनिल कुमार की पत्नी रश्मि ने पारिवारिक स्थिति खराब होने का हवाला देकर पत्र लिखा। मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर से अनिल कुमार की तैनाती जिला पंचायत मेें कराने के निर्देश जारी करा लिए। अन्य विभाग में तैनाती के आदेश को देखते हुए विभाग से शासन को रिपोर्ट भेजी गई। ताकि आदेश की सत्यता सामने आ सके। शासन से दोनों आदेश फर्जी पाए जाने के बाद जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई करने व शासन को कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी को प्राथमिकी दर्ज कराने को आदेशित किया। बाद प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई की गई है। खंड विकास अधिकारी गंजडुडवारा कमल कांत ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई की गई है।
पहले भी हो चुका है मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर का मामला
कासगंज। मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर से पदोन्नति आदेश का मामला विकास विभाग में पहले भी हो चुका है। विकास विभाग में तैनात लेखाकार नित्यानंद ने अपने को अन्य विभाग में तैनात कराने एवं वेतन भुगतान कराने के अदेश जारी कराए। उनके खिलाफ दिसंबर माह में प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई हो चुकी है।