कासगंज। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त करने का सपना साकार करने के लिए हर स्तर से लापरवाही हो रही है। जिले में अभी भी 56 हजार शौचालय बनने शेष रह गए हैं। विभाग के पास धन खत्म हो गया है। धन के अभाव में कार्य अधर में लटक गया है।
जनपद में 2,06,639 परिवार निवास करते हैं। खुले में शौच जाने की परंपरा से लोग स्वयं बाहर निकलना नहीं चाहते। मात्र 32 हजार परिवार ही ऐसे हैं जिन्होंने स्वयं अपने स्तर से शौचालयों का निर्माण कराया। इसके अलावा शेष बचे परिवार खुले में शौच जाने को प्राथमिकता देते रहे। करीब 1.74 लाख परिवारों के लिए शासन से शौचालय बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
वर्ष 2016-17 तक 92 हजार शौचालय जनपद में बनवाए। शेष 82639 परिवारों में वित्तीय वर्ष में 31 दिसंबर तक शौचालय का निर्माण कराकर जनपद को खुले में शौच मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिस तरह से कार्य होना था वह नहीं हो पा रहा। 26639 शौचालय का निर्माण ही इस वर्ष में अब तक हो पाया है।
जबकि विभाग के पास धन खत्म हो चुका है। अभी भी 56 हजार शौचालय का निर्माण होना है। इसके लिए लगभग 67.2 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इस धन की डिमांड शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन धन की उपलब्धता अभी तक नहीं हो सकी है। जबकि खुले में शौच मुक्ति के लिए 23 दिन का समय ही शेष रह गया है। ऐसे में स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से जनपद खुले से शौच मुक्त होगा।
केंद्र सरकार से 15 करोड़ रुपये की धनराशि चार दिन पहले स्वीकृत हो गई है। जल्द ही यह धन विभाग को उपलब्ध हो जाएगा। प्रदेश सरकार से भी 10 करोड़ रुपये स्वीकृत होने वाले हैं। धन आने के साथ ही इसेे लाभार्थियों के खाते में भेजकर शौचालयों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
-अनीस अहमद जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन