जसराना (फिरोजाबाद) जसराना के उतरारा में श्री रघुवीर सिंह डिग्री कालेज के टॉयलेट में नगला बलुआ थाना शिकोहाबाद निवासी बीमा एजेंट का शव मिलने से हड़कंप मच गया।
शव मिलने की सूचना पर महाविद्यालय के सचिव कालेज बंद कर भाग गए। मृतक के पिता ने थाने में दो लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सचिव पर हत्या का आरोप लगाया। वहीं पुलिस पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रही है।
थाना शिकोहाबाद के गांव बलुआ और हाल निवासी प्रतापपुर चौराहा के विजय बहादुर पुत्र नेत्रपाल सिंह का थाना क्षेत्र के गांव उतरारा स्थित श्री रघुवीर सिंह डिग्री कालेज के सचिव बृजेश यादव पर लाखों रुपये का उधार हैं। विजय बहादुर उनसे लगातार पैसा मांग रहे थे। बृजेश ने विजय बहादुर को चेक थमा दिए लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने पर काफी विवाद भी हुआ था।
बाद में बृजेश मकान बेचकर भुगतान करने की बात कही। विजय के पिता नेत्रपाल की माने तो शनिवार को बृजेश ने विजय को विद्यालय में पैसा देने के लिए बुलाया। बृजेश के साथ 20 मिनट तक आफिस में बात करने के बाद विजय टॉयलेट चले गए। थोड़ी देर बाद विद्यालय में जंतु विज्ञान पढ़ाने वाले अध्यापक विकास गए तो उन्हें टॉयलेट का दरवाजा बंद मिला।
कुछ देर बाद जब अन्य लोग टॉयलेट की तरफ गए तो उनकी चीख निकल गई। विजय का रक्तरंजित शव मौके पर पड़ा हुआ था। उसके सिर में गोली लगी थी। मौके पर तमंचा पड़ा था और उसकी पिस्टल कमर में लगी मिली है। लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ परिजनों को खबर कर दी। विजय का शव टॉयलेट में मिलने की सूचना पर बृजेश भाग गया।
सूचना पर क्षेत्राधिकारी संजय रेड्डी, थाना जसराना के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, मक्खनपुर के प्रभारी निरीक्षक ध्यान सिंह के साथ शिकोहाबाद पुलिस मौके पर पहुुंची। फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर नमूना लिया। वहीं पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया।
जांच एवं तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
हत्या की सूचना पर श्री रघुवीर सिंह डिग्री कालेज पहुंचे एसपी देहात महेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि परिजन सचिव पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर अभियोग दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता ने कहा कि हुई है मेरे पुत्र की हत्या
मृतक विजय बहादुर के पिता ने कहा कि उसके पुत्र की हत्या बृजेश ने की है। उस पर मेरे पुत्र का लाखों रुपये कर्जा था लेकिन देने में आनाकानी कर रहा था। शनिवार को पैसा देने के बहाने से बुलाकर उसके पुत्र की हत्या की गई है। वहीं मृतक के पुत्र योगेंद्र यादव ने कहा कि उसके पिता बृजेश अंकल को लेकर काफी परेशान थे। बृजेश अंकल रात में मिलने आते थे। उन्होंने घर बेचकर पैसा देने का भी वायदा किया था।
और भी कर्जदार थे मौजूद
विजय बहादुर की की हत्या के बारे में लोगों को पता लगा तब श्री रघुवीर सिंह डिग्री कालेज के सचिव के पास अन्य कर्जदार भी बैठे हुए थे। लोगों की माने तो बृजेश यादव पर लोगों का काफी कर्जा है।
लाइसेंसी पिस्टल थी तमंचा कहां से आया।