मैनपुरी। नगर में शनिवार को गुरुनानक जयंती को पर्व प्रकाश पर्व के रूप में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर नगर के पंजाबी कालोनी स्थित गुरुद्वारा में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं गुरवाणी और शबद-कीर्तन से पूरा परिसर गुंजायमान रहा।
गुरुनानक जयंती को लेकर प्रकाश पर्व का आयोजन पिछले 15 दिनों से चल रहा था। शनिवार को गुरुद्वारा साहेब में प्रकाश पर्व पर्व पर ज्ञानी मनोहर सिंह ने शबद कीर्तन के माध्यम से गुरुनानक देव द्वारा बताए गए संदेशों की जानकारी दी। ज्ञानी ने गुरुनानक देव के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
बताया कि गुरुनानक देव का जन्म कार्तिक पूर्णिमा को सन 1469 में तलबंडी नामक ग्राम में हुआ था। उस जगह का नाम वर्तमान में ननकाना साहेब के नाम से जाना जाता है। गुरुनानक ने 20 रुपये में लंगर का आयोजन किया था जो प्रथा आज भी चल रही है। शबद कीर्तन के दौरान ज्ञानी ने जीती नोखंड मेदनी सतिनाम दा चक्र चलाया, भया आनंद जगत बिच, कल तारण गुरुनानक आया का संदेश भी दिया।
शनिवार को प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा में शबद कीर्तन व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। पंजाबी कालोनी स्थित गुरु गोविंद सिंह लंगर हाल में अटूट लंगर का आयोजन किया गया।
इस दौरान सरदार हरवंश सिंह, महेंद्र सिंह, कल्यान सिंह, नाहर सिंह, मान सिंह, रविंद्र सिंह, नरेंद्र कलाडा, जनक सिंह, हरदीप सिंह, केअर सिंह, कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह, दलीप सिंह, ओम प्रकाश चांदना, राजेश कुमार, रंजीत सिंह, पदम सिंह, भगत सिंह, अरविंद सिंह, राशि चांदना, एसपी सिंह, दीपक अरोरा, अनूप सिंह, रौनक, महक, कशिश, गुरुप्रीत, पीयूष, मोहित आदि रहे।