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राम को वॉलीबाल तो रावण को पसंद है क्रिकेट

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श्रीराम का किरदार निभाने वाले गिरजा नंदन कुमार
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एटा। राम वॉलीबाल के शौकीन हैं तो रावण को क्रिकेट खेलना पसंद है। शहर में चल रही रामलीला महोत्सव में स्वरूपों की भूमिका का निर्वाह कर रहे युवाओं की असल जिंदगी की कहानी कुछ यही है। विगत दस वर्षों से अधिक समय से युवा धार्मिक पात्रों का मंचन कर नई पीढ़ी को संस्कारित करने में अहम भूमिका भी निभा रहे हैं।
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रामलीला महोत्सव में श्रीराम बने 26 वर्षीय गिरिजानंदन पिछले 12 साल से रामलीला में भूमिका निभा रहे हैं। सभी पात्रों की ड्रेस तैयार करने का काम भी गिरिजानंदन करते हैं। वह जितना अच्छा अभिनय श्रीराम की भूमिका में करते हैं तो उससे कहीं ज्यादा वह टेलरिंग का काम करते हैं। वॉलीबाल के शौकीन गिरिजानंदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैन हैं, लेकिन राजनीति से खुद को दूर रखते हैं। सीता के पात्र को जीवंत कर रहे 24 वर्षीय योगेश शर्मा आईपीएस बनना चाहते थे लेकिन परिवार की जिम्मेदारी कंधों पर आने की वजह से उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। काम की तलाश करते हुए वह महावीर आदर्श रामलीला मंडल वृंदावन से जुड़ गए और वर्तमान में वह महिलाओं को जानकी के रूवरूप में संस्कार देने का काम कर रहे हैं। लक्ष्मण बने 25 वर्षीय अशोक कुमार भी क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। रामलीला में 30 वर्षीय अशोक कुमार शर्मा हनुमान की भूमिका अदा कर रहे हैं।
वृंदावन से आए महावीर आदर्श रामलीला मंडल के व्यास 45 वर्षीय दीनदयाल शर्मा का कहना है कि उन्हें दो दशक से अधिक समय से रामलीला में मंचन करा रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान पीढ़ी को संस्कारित करने में मंडली के पात्रों की अहम भूमिका होती है। उनको देखकर कई लोगों को जीवन बदला है। इसके अलावा 60 वर्षीय महेश कुमार दंडौतिया पिछले 40 वर्षों से राजा दशरथ का अभिनय कर रहे हैं। वहीं पंकज पवार भरत, हरी शर्मा शत्रुघ्न का अभिनय
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कर रहे हैं।
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