आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विवि में कुलपति डा. अरविंद दीक्षित के आठ महीने के कार्यकाल में हुए कई सुधारों से कुलाधिपति राम नाईक संतुष्ट नजर आए। शिलान्यास समारोह में उन्हाेंने कहा कि राज्यपाल बनने के पहले साल उनके पास इस विश्वविद्यालय की शिकायतों की भरमार थी, अब शिकायतों में बहुत कमी आई है। इसका अर्थ है कि सुधार हो रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति ने विवि की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने पिछले आठ महीनों में विवि में हुए सुधारों के बारे में बताया। इसके बाद कुलाधिपति राम नाईक ने कहा कि अंबेडकर विवि की व्यवस्था अब पटरी पर आई है। डिग्री-मार्क्सशीट की शिकायतें अब कम हुईं हैं। विवि को नैक का बी प्लस-प्लस ग्रेड मिला है।
कुलपति कैप्टन हैं लेकिन जीत पूरे विश्वविद्यालय परिवार की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन, ललित कला कुंज और छत्रपति शिवाजी दीक्षांत मंडप के निर्माण के लिए 65 करोड़ रुपये धनराशि की व्यवस्था भी विश्वविद्यालय ने खुद की है। उन्होंने कहा कि भवन का शिलान्यास तो ठीक है लेकिन अक्सर सरकारी काम में देरी होती है।
इससे लागत भी बढ़ती जाती है। कुलपति से पूछा कि कितने दिनों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इस पर कुलपति ने कहा कि 18 महीने में बन जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि ऐसा हुआ तो वह उद्घाटन समारोह में भी आ सकेंगे, अभी दो वर्ष का कार्यकाल बचा है।
टॉप थ्री में शामिल हो आगरा विवि
कुलाधिपति राम नाइक ने कहा कि पिछले तीन साल में विवि में काफी सुधार हुआ है। मेरे कार्यकाल के भी तीन साल पूरे हुए हैं। मेरी ख्वाहिश है कि अगले दो सालों में अंबेडकर विवि टॉप थ्री में शामिल हो। उन्होंने कहा कि आगरा ताजमहल के लिए जाना जाता है, उसे अंबेडकर विवि के लिए भी जाना जाए।