आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में ‘संस्कृति भवन, ललितकला कुंज’ ललित कला संस्थान और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज दीक्षांत मंडप’ के शिलान्यास समारोह में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि उनका प्रयास आगरा को शिक्षा और चिकित्सा का हब बनाने का है। इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। जल समस्या के समाधान के लिए भी विशेषज्ञों से बात की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश से विद्यार्थियाें का पलायन हो रहा है। विश्व के कई देश भारत के विश्वविद्यालयों में पढ़ रही मेधा को ले जाना चाह रहे हैं। वह उनके रहने, रोजगार उपलब्ध कराने तक की व्यवस्था के करने लिए तैयार हैं। देश और उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियाें की योग्यता को सही लाभ नहीं मिला रहा है।
इसलिए विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल स्थापित किया जाना जरूरी है। कोशिश करनी चाहिए कि डिग्री मिलने तक विद्यार्थी को जॉब के ऑफर मिलने लगे। महाविद्यालयों में 220 दिन की कक्षाएं नहीं चल पातीं। पठन-पाठन दुरुस्त करने का प्रयास करना चाहिए। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय इस ओर अग्रसर है।
कुलपति सम्मेलन में ऑनलाइन संबद्धता की अपेक्षा की थी, आगरा विश्वविद्याल में इसकी शुरुआत सराहनीय कदम है। डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शोध कार्य को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अच्छे शोध कार्यों को पोर्टल बनाकर डाला जाए। विश्वविद्यालयों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ दी गई है। इसका पैसा एक माह के अंदर आ जाएगा। जीएसटी के संबंध में वरिष्ठ अध्यापक के लेख जर्नल्स में छापे जाने चाहिए।
ये बातें भी कहीं
- सेवानिवृत्त शिक्षकों को लगाने पर विचार किया जा रहा है, ये नई भर्ती होने तक ये पढ़ाएंगे। नई भर्ती के लिए 15 अगस्त तक विज्ञापन करने का लक्ष्य रखा गया है।
- शिक्षक का चयन पारदर्शी तरीके से होना जरूरी है। बिल्डिंग खराब होगी तो चल जाएगी, अध्यापक गड़बड़ आ जाएगा तो 30-35 साल तक विश्वविद्यालय को खराब करता रहेगा।
- समन्वयक समिति बनाया जाए, इसमें शिक्षक संघ, छात्र संघ, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष-महामंत्री रखे जाएं। कुलपति उसकी अध्यक्षता करें।
- महाविद्यालयों को संबद्धता देते समय ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटरीकृत व्यवस्था और शोध कार्य पर परखा जाए।
- टॉपर्स की कापियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाली जाएं।
- ई-यूनिवर्सिटी बनाने का प्रयास किया गया है। इसमें सभी विश्वविद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिसेज डाली जाएगी। एकेटीयू को नोडल विश्वविद्यालय बनाया गया है।
- तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ शिक्षकों के रिक्त पदाें को भरे जाने के लिए कुलपति को प्रयास करना चाहिए।