मथुरा। एक से छह साल तक के बच्चों में बढ़ रहे कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए अब जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार का लगातार वितरण होने के बाद भी कुपोषित बच्चोें की संख्या बढ़ने से अब शासन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर रहा है। एक अधिकारी दो ग्राम पंचायतों में कुपोषण नियंत्रण का काम देखेंगे।
जनपद में एक से छह साल तक के दो लाख 86 हजार 712 बच्चों में 18 हजार 625 बच्चे अति कुपोषित हैं, वहीं 46 हजार 220 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं। पिछले साल अति कुपोषित बच्चे 16 हजार थे। दिसंबर माह में बच्चों के वजन तोलने में कुपोषण बढ़ने की बात सामने आई। शासन को भेजी गई इस रिपोर्ट पर अब अधिकारियों को बाल पुष्टाहार व गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले पुष्टाहार सही तरीके से बंटवाने की जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसके लिए माइक्रो प्लान बनाया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कुपोषण मिटाने के लिए जिला स्तर पर एक अधिकारी को दो ग्राम पंचायतें दी जाएंगी। पहले चरण में 30 अधिकारियों के नाम का चयन किया जा रहा है। ये अधिकारी माइक्रो प्लान बनाकर एएनएम और आंगनबाड़ी से संपर्क कर पूरा व पात्र लोगों को पुष्टाहार बंटवाएंगे। इसमें रजिस्टर्ड लाभार्थियों को पुष्टाहार मिलने की हकीकत लखनऊ से मॉनीटरिंग की जाएगी।