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ताज ट्रेपेजियम जोन: FIR के बाद भी नहीं रुका पेड़ों का कटान, बिचपुरी में एक ही दिन काट डाले 31 हरे पेड़

Thu, 07 May 2026 11:37 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के टीटीजेड क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद बिचपुरी में 31 हरे पेड़ काट दिए गए। वन विभाग की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी उसी शाम 15 और पेड़ों की कटाई होने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
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काट दिए पेड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद बिचपुरी रेलवे फाटक के सामने एक निजी प्लॉट में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। यहां कुल 31 हरे पेड़ काट दिए गए, जिनमें से 16 पेड़ों की कटाई पर वन विभाग की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि शेष 15 पेड़ों की कटाई का मामला प्राथमिकी की जांच में शामिल कर लिया है।
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वन विभाग को शिकायत मिलने पर वन दरोगा रूपाली श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि सभी पेड़ों की लकड़ियां मौके से हटा दी गई थीं और केवल ठूंठ बचे थे। काटे गए पेड़ों में 9 पापड़ी, 4 शहतूत, 2 नीम और 1 देसी बबूल का पेड़ शामिल है। इन पेड़ों की गोलाई 25 से 70 सेंटीमीटर के बीच पाई गई।

वन रक्षक अवधेश यादव की तहरीर पर थाना जगदीशपुरा पुलिस ने आलोक नगर, जयपुर हाउस निवासी अंशुमान और सिकंदरा के पश्चिमपुरी स्थित राधिका विहार कॉलोनी निवासी राजकुमार के खिलाफ वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा 4 व 10 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हैरानी की बात यह है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी उसी शाम को उसी प्लॉट में 15 और पेड़ काट दिए गए।

इस संबंध में वन विभाग ने पुलिस चौकी बिचपुरी पर अलग से तहरीर दी। चौकी इंचार्ज ने बताया कि 16 पेड़ों की कटान के मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। वहीं, शाम को 15 और पेड़ काटे जाने की तहरीर प्राप्त हुई, जिसे भी इसी प्रकरण की जांच में शामिल कर लिया गया है।
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टीटीजेड क्षेत्र में बिना अनुमति पेड़ कटान जारी
गौरतलब है कि आगरा सहित टीटीजेड क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना किसी भी हरे पेड़ की कटाई या छंटाई पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद क्षेत्र में नियमों की अनदेखी जारी है, जिससे पर्यावरण संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
 
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